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गृह मंत्री ने 7.98 करोड़ की लागत से निर्मित नवीन पुलिस कंट्रोल रूम का किया लोकार्पण
इंदौर. प्रदेश के गृह एवं जेल मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आज इंदौर में 7.98 करोड़ रूपये से निर्मित नवीन पुलिस कंट्रोल रूम भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि हमारे पुलिस जवानों के समक्ष सायबर क्राइम एक बहुत बड़ी चुनौती बनकर उभरा है, जिसका हमें मिलकर मुकाबला करना है। हम एकजुट और अनुशासित होकर यदि टीम भावना से काम करेंगे तो हम हमेशा सफल होंगे। जिले में अपराध नियंत्रण के लिये यह कंट्रोल रूम मील का पत्थर साबित होगा।
आज राज्य और जिला प्रशासन निश्चित रूप से कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है। हमारा आत्मविश्वास हमें सफलता दिलायेगा। हमारे कई पुलिस के जवान कोरोना युद्ध में शहीद हो गये। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट और कलेक्टर श्री मनीष सिंह विशेष रूप से मौजूद थे।
मंत्री डॉ.मिश्रा ने कहा कि राज्य शासन समाज के सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार करता है। जाति, धर्म और सप्रदाय के नाम पर कोई भेदभाव नहीं होता है। हमारा उद्देश्य “सबका साथ सब का विकास, सबका विश्वास’’ है। कार्यक्रम में अनुसूचित जाति और जन जाति के पीड़ित 89 व्यक्तियों को 95 लाख 45 हजार रूपये वितरित किये गये।
ज्ञातव्य है कि अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम वर्ष-1989 में लागू किया गया। अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के व्यक्तियों पर होने वाले अत्याचारों की रोक थाम एवं प्रभावी कार्यवाही तथा उन्हें आर्थिक रूप से सहायता प्रदान करने हतु इस ऐक्ट को प्रावधानित किया गया है। अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम वर्ष-1989 के अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं जन जाति वर्ग के व्यक्तियों को अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के अंतर्गत राहत राशि प्रदान की जाती है। अधिनियम के अंतर्गत प्राय: घटित होने वाले अपमान अभित्रास, लड़ाई, झगड़ा, गाली-गलौच, गंभीर श्रेणी के अपराध, बलात्कार, लज्जा भंग, हत्या आदि प्रकरणों में विभिन्न स्तरों पर पृथक-पृथक राशि यथा प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने पर 25 प्रतिशत राशि, न्यायालय में चालान प्रस्तुत होने पर 50 प्रतिशत राशि तथा न्यायालय से दोष सिद्ध पाये जाने पर शेष 25 प्रतिशत राशि दिये जाने संबंधी प्रावधान है।
इस अवसर पर डीआईजी श्री हरिनारायण चारी मिश्र ने कहा कि समाज में तेजी से सामाजिक और आर्थिक बदलाव हो रहा है, जिसके कारण संगठित अपराध चोरी और डकैती में वृद्धि हो रही । दूसरे राज्यों के संगठित अपराधी भी यहां पर सक्रिय है। समाजिक बदलाव के कारण आत्म हत्या की घटनाएं अधिक हो रही है। “संजीवनी अभियान’’ से भी सैकड़ों लोगों की जान बची है। इस समय पुलिसकर्मी कोरोना योद्धा के रूप में अपनी भूमिका अदा कर रहे हैं।
कार्यक्रम में विधायक श्री रमेश मेन्दोला , श्री गौरव रणदिवे, श्री मधु वर्मा आदि मौजूद थे। कार्यक्रम में कई पुलिस कर्मियों को जीवन रक्षा पदक प्रदान किये गये। कार्यक्रम में आईजी नार्कोटिक्स श्री जी.जी. पाण्ड़े पुलिस अधीक्षक श्री महेश चन्द्र जैन, श्री सूरज वर्मा, श्रीमती मनीषा सोनी, एवं अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे।


